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Home» class 9»क्षितिज भाग-1» Chapter 3: उपभोक्तावाद की संस्कृति

पाठ के आधार पर आज के उपभोक्तावादी युग में पनप रही 'दिखावे की स... - क्षितिज भाग-1

Question

पाठ के आधार पर आज के उपभोक्तावादी युग में पनप रही 'दिखावे की संस्कृति' पर विचार व्यक्त कीजिए।

उत्तर (Answer)

आज के उपभोक्तावादी युग में पनप रही 'दिखावे की संस्कृति' पर मेरे विचार निम्नलिखित हैं:

  1. प्रतिष्ठा का प्रश्न: आज लोग वस्तुओं को उनकी उपयोगिता के लिए नहीं, बल्कि समाज में अपनी हैसियत और प्रतिष्ठा दिखाने के लिए खरीदते हैं। महँगे ब्रांड के कपड़े, घड़ी और गाड़ियाँ अब ज़रूरत नहीं, बल्कि रसूख का प्रतीक बन गए हैं।

  2. अंधानुकरण: समाज में दूसरे के पास महँगी चीज़ देखकर उसे हासिल करने की होड़ मची है। हम बिना सोचे-समझे पश्चिमी जीवनशैली का अंधानुकरण कर रहे हैं, चाहे उसकी ज़रूरत हो या न हो।

  3. विज्ञापनों का मायाजाल: दिखावे की इस संस्कृति को बढ़ावा देने में विज्ञापनों की मुख्य भूमिका है। विज्ञापन हमें यह विश्वास दिला देते हैं कि महँगी और आधुनिक चीज़ें अपनाने से ही हम 'सभ्य' और 'बड़े' कहलाएंगे।

  4. सामाजिक दूरियाँ: दिखावे की इस दौड़ ने अमीर और गरीब के बीच की खाई को और चौड़ा कर दिया है। इससे समाज में ईर्ष्या, तनाव और अशांति बढ़ रही है, क्योंकि हर कोई इस दिखावे की रेस में शामिल नहीं हो सकता।

  5. नैतिक मूल्यों का ह्रास: दिखावे के चक्कर में मनुष्य केवल स्वार्थ और उपभोग तक सीमित हो गया है। मानवीय संवेदनाएँ, सादगी और प्रेम जैसे मूल्य पीछे छूट गए हैं।

निष्कर्ष: दिखावे की यह संस्कृति समाज को एक खोखलेपन की ओर ले जा रही है, जहाँ केवल बाहरी चमक-धमक को महत्त्व दिया जाता है। हमें सादगी और वास्तविकता की ओर लौटने की आवश्यकता है।

Related Questions

धीरे-धीरे सब कुछ बदल रहा है।
इस वाक्य में 'बदल रहा है' क्रिया है। यह क्रिया कैसे हो रही है—धीरे-धीरे। अतः यहाँ धीरे-धीरे क्रिया-विशेषण है। जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं, क्रिया-विशेषण कहलाते हैं। जहाँ वाक्य में हमें पता चलता है क्रिया कैसे, कब, कितनी और कहाँ हो रही है, वहाँ वह शब्द क्रिया-विशेषण कहलाता है।

(क) ऊपर दिए गए उदाहरण को ध्यान में रखते हुए क्रिया-विशेषण से युक्त पाँच वाक्य पाठ में से छाँटकर लिखिए।
(ख) धीरे-धीरे, ज़ोर से, लगातार, हमेशा, आजकल, कम, ज़्यादा, यहाँ, उधर, बाहर—इन क्रिया-विशेषण शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए।
(ग) नीचे दिए गए वाक्यों में से क्रिया-विशेषण और विशेषण शब्द छाँटकर अलग लिखिए—

वाक्यक्रिया-विशेषणविशेषण
(1) कल रात से निरंतर बारिश हो रही है।  
(2) पेड़ पर लगे पके आम देखकर बच्चों के मुँह में पानी आ गया।  
(3) रसोईघर से आती पुलाव की हल्की खुशबू से मुझे ज़ोरों की भूख लग आई।  
(4) उतना ही खाओ जितनी भूख है।  
(5) विलासिता की वस्तुओं से आजकल बाज़ार भरा पड़ा है।  

 

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  • 'दूरदर्शन पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों का बच्चों पर बढ़ता प्रभाव' विषय पर अध्यापक और विद्यार्थी के बीच हुए वार्तालाप को संवाद शैली में लिखिए।

  • इस पाठ के माध्यम से आपने उपभोक्ता संस्कृति के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। अब आप अपने अध्यापक की सहायता से सामंती संस्कृति के बारे में जानकारी प्राप्त करें और नीचे दिए गए विषय के पक्ष अथवा विपक्ष में कक्षा में अपने विचार व्यक्त करें।

    क्या उपभोक्ता संस्कृति सामंती संस्कृति का ही विकसित रूप है

  • आप प्रतिदिन टी.वी. पर ढेरों विज्ञापन देखते-सुनते हैं और इनमें से कुछ आपकी ज़बान पर चढ़ जाते हैं। आप अपनी पसंद की किन्हीं दो वस्तुओं पर विज्ञापन तैयार कीजिए।

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Chapter Info

Subject: क्षितिज भाग-1
Class: class 9
Chapter 3: उपभोक्तावाद की संस्कृति
Medium: Hindi Medium