Logo

Get Updates

Subscribe to receive instant notifications for new study materials and important updates.

Home» class 9»क्षितिज भाग-1» Chapter 3: उपभोक्तावाद की संस्कृति

आज की उपभोक्ता संस्कृति हमारे रीति-रिवाजों और त्योहारों को किस... - क्षितिज भाग-1

Question

आज की उपभोक्ता संस्कृति हमारे रीति-रिवाजों और त्योहारों को किस प्रकार प्रभावित कर रही है? अपने अनुभव के आधार पर एक अनुच्छेद लिखिए।

उत्तर (Answer)

आज की उपभोक्ता संस्कृति ने हमारे रीति-रिवाजों और त्योहारों का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया है। अब त्योहार खुशियाँ बाँटने और सामाजिक मेल-जोल से अधिक अपनी आर्थिक संपन्नता का प्रदर्शन करने का माध्यम बन गए हैं। पहले त्योहारों में सादगी, पारंपरिक पकवान और प्रेम होता था, लेकिन अब हर त्योहार बाज़ारवाद की भेंट चढ़ गया है। विज्ञापनों के प्रभाव में आकर हम त्योहारों की मूल भावना को भूलकर महँगे उपहारों, ब्रांडेड कपड़ों और विलासिता की वस्तुओं को ही महत्त्व देने लगे हैं।

उदाहरण के लिए, दीपावली अब मिट्टी के दीयों और घर की मिठाइयों की जगह बिजली की लड़ियों और महँगे गिफ्ट पैक का त्योहार बन गई है। रक्षाबंधन जैसे रिश्तों के त्योहार को भी विज्ञापनों ने केवल महँगे उपहारों और चॉकलेट के लेन-देन तक सीमित कर दिया है। लोग अब परंपरा निभाने से ज़्यादा इस बात पर ध्यान देते हैं कि उनका 'स्टेटस' क्या है। इस दिखावे की संस्कृति के कारण त्योहारों की धार्मिक और सांस्कृतिक पवित्रता कम होती जा रही है और बाज़ार का लालच बढ़ता जा रहा है।

 

Related Questions

धीरे-धीरे सब कुछ बदल रहा है।
इस वाक्य में 'बदल रहा है' क्रिया है। यह क्रिया कैसे हो रही है—धीरे-धीरे। अतः यहाँ धीरे-धीरे क्रिया-विशेषण है। जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं, क्रिया-विशेषण कहलाते हैं। जहाँ वाक्य में हमें पता चलता है क्रिया कैसे, कब, कितनी और कहाँ हो रही है, वहाँ वह शब्द क्रिया-विशेषण कहलाता है।

(क) ऊपर दिए गए उदाहरण को ध्यान में रखते हुए क्रिया-विशेषण से युक्त पाँच वाक्य पाठ में से छाँटकर लिखिए।
(ख) धीरे-धीरे, ज़ोर से, लगातार, हमेशा, आजकल, कम, ज़्यादा, यहाँ, उधर, बाहर—इन क्रिया-विशेषण शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए।
(ग) नीचे दिए गए वाक्यों में से क्रिया-विशेषण और विशेषण शब्द छाँटकर अलग लिखिए—

वाक्यक्रिया-विशेषणविशेषण
(1) कल रात से निरंतर बारिश हो रही है।  
(2) पेड़ पर लगे पके आम देखकर बच्चों के मुँह में पानी आ गया।  
(3) रसोईघर से आती पुलाव की हल्की खुशबू से मुझे ज़ोरों की भूख लग आई।  
(4) उतना ही खाओ जितनी भूख है।  
(5) विलासिता की वस्तुओं से आजकल बाज़ार भरा पड़ा है।  

 

READ FULL ANSWER »
  • 'दूरदर्शन पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों का बच्चों पर बढ़ता प्रभाव' विषय पर अध्यापक और विद्यार्थी के बीच हुए वार्तालाप को संवाद शैली में लिखिए।

  • इस पाठ के माध्यम से आपने उपभोक्ता संस्कृति के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। अब आप अपने अध्यापक की सहायता से सामंती संस्कृति के बारे में जानकारी प्राप्त करें और नीचे दिए गए विषय के पक्ष अथवा विपक्ष में कक्षा में अपने विचार व्यक्त करें।

    क्या उपभोक्ता संस्कृति सामंती संस्कृति का ही विकसित रूप है

  • आप प्रतिदिन टी.वी. पर ढेरों विज्ञापन देखते-सुनते हैं और इनमें से कुछ आपकी ज़बान पर चढ़ जाते हैं। आप अपनी पसंद की किन्हीं दो वस्तुओं पर विज्ञापन तैयार कीजिए।

READ FULL ANSWER »
VIEW ALL SOLUTIONS

Chapter Info

Subject: क्षितिज भाग-1
Class: class 9
Chapter 3: उपभोक्तावाद की संस्कृति
Medium: Hindi Medium