
Get Updates
Subscribe to receive instant notifications for new study materials and important updates.
आशय स्पष्ट कीजिए—(क) जाने-अनजाने आज के माहौल में आपका चर... - क्षितिज भाग-1
आशय स्पष्ट कीजिए—
(क) जाने-अनजाने आज के माहौल में आपका चरित्र भी बदल रहा है और आप उत्पाद को समर्पित होते जा रहे हैं।
(ख) प्रतिष्ठा के अनेक रूप होते हैं, चाहे वे हास्यास्पद ही क्यों न हों।
(क) आशय: इसका आशय यह है कि उपभोक्तावादी संस्कृति के प्रभाव में आकर हमारा व्यक्तित्व और स्वभाव बदल रहा है। हम विज्ञापनों की चकाचौंध से इतने प्रभावित हो गए हैं कि अब हम वस्तुओं का इस्तेमाल अपनी ज़रूरत के लिए नहीं करते, बल्कि उन वस्तुओं के गुलाम बनते जा रहे हैं। हमारा पूरा जीवन केवल नए-नए उत्पादों को खरीदने और उनका उपभोग करने तक ही सीमित होकर रह गया है।
(ख) आशय: इसका आशय यह है कि लोग समाज में अपनी श्रेष्ठता और अमीरी दिखाने के लिए कई तरह के तरीके अपनाते हैं। प्रतिष्ठा पाने की यह चाह कभी-कभी इतनी अधिक बढ़ जाती है कि लोग अजीबोगरीब और बेतुके काम करने लगते हैं, जो दूसरों की नज़रों में मज़ाक का कारण बन जाते हैं। जैसे—अमेरिका में अपनी मृत्यु से पहले ही अपनी कब्र के आस-पास अच्छी घास और संगीत का प्रबंध करना; यह दिखावे का एक ऐसा रूप है जो सुनने में हास्यास्पद लगता है।