Logo

Get Updates

Subscribe to receive instant notifications for new study materials and important updates.

Home» class 9»क्षितिज भाग-1» Chapter 3: उपभोक्तावाद की संस्कृति

कोई वस्तु हमारे लिए उपयोगी हो या न हो, लेकिन टी.वी. पर विज्ञाप... - क्षितिज भाग-1

Question

कोई वस्तु हमारे लिए उपयोगी हो या न हो, लेकिन टी.वी. पर विज्ञापन देखकर हम उसे खरीदने के लिए अवश्य लालायित होते हैं? क्यों?

उत्तर (Answer)

टी.वी. पर विज्ञापन देखकर हम वस्तुओं को खरीदने के लिए इसलिए लालायित होते हैं क्योंकि:

  1. आकर्षक चित्रण: विज्ञापनों में वस्तुओं को बहुत ही रंगीन, लुभावना और बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है, जिससे वे हमें बहुत उपयोगी लगने लगती हैं।

  2. सेलिब्रिटी का प्रभाव: विज्ञापनों में प्रसिद्ध अभिनेताओं और खिलाड़ियों का उपयोग किया जाता है। हम अपने पसंदीदा कलाकारों जैसा बनने की चाह में वह वस्तु खरीद लेते हैं।

  3. मनोवैज्ञानिक दबाव: विज्ञापन हमारे मन में यह भावना भर देते हैं कि उस वस्तु का उपयोग करना ही आधुनिकता और सामाजिक प्रतिष्ठा (Status) की पहचान है।

  4. बार-बार प्रदर्शन: जब कोई विज्ञापन बार-बार हमारी आँखों के सामने आता है, तो वह हमारे अवचेतन मन में बैठ जाता है और हम न चाहते हुए भी उसे खरीदने के बारे में सोचने लगते हैं।

  5. सुख का भ्रम: विज्ञापन वस्तुओं को सुख और आनंद का पर्याय बनाकर पेश करते हैं, जिससे हम भ्रमित हो जाते हैं।

Related Questions

धीरे-धीरे सब कुछ बदल रहा है।
इस वाक्य में 'बदल रहा है' क्रिया है। यह क्रिया कैसे हो रही है—धीरे-धीरे। अतः यहाँ धीरे-धीरे क्रिया-विशेषण है। जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं, क्रिया-विशेषण कहलाते हैं। जहाँ वाक्य में हमें पता चलता है क्रिया कैसे, कब, कितनी और कहाँ हो रही है, वहाँ वह शब्द क्रिया-विशेषण कहलाता है।

(क) ऊपर दिए गए उदाहरण को ध्यान में रखते हुए क्रिया-विशेषण से युक्त पाँच वाक्य पाठ में से छाँटकर लिखिए।
(ख) धीरे-धीरे, ज़ोर से, लगातार, हमेशा, आजकल, कम, ज़्यादा, यहाँ, उधर, बाहर—इन क्रिया-विशेषण शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए।
(ग) नीचे दिए गए वाक्यों में से क्रिया-विशेषण और विशेषण शब्द छाँटकर अलग लिखिए—

वाक्यक्रिया-विशेषणविशेषण
(1) कल रात से निरंतर बारिश हो रही है।  
(2) पेड़ पर लगे पके आम देखकर बच्चों के मुँह में पानी आ गया।  
(3) रसोईघर से आती पुलाव की हल्की खुशबू से मुझे ज़ोरों की भूख लग आई।  
(4) उतना ही खाओ जितनी भूख है।  
(5) विलासिता की वस्तुओं से आजकल बाज़ार भरा पड़ा है।  

 

READ FULL ANSWER »
  • 'दूरदर्शन पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों का बच्चों पर बढ़ता प्रभाव' विषय पर अध्यापक और विद्यार्थी के बीच हुए वार्तालाप को संवाद शैली में लिखिए।

  • इस पाठ के माध्यम से आपने उपभोक्ता संस्कृति के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। अब आप अपने अध्यापक की सहायता से सामंती संस्कृति के बारे में जानकारी प्राप्त करें और नीचे दिए गए विषय के पक्ष अथवा विपक्ष में कक्षा में अपने विचार व्यक्त करें।

    क्या उपभोक्ता संस्कृति सामंती संस्कृति का ही विकसित रूप है

  • आप प्रतिदिन टी.वी. पर ढेरों विज्ञापन देखते-सुनते हैं और इनमें से कुछ आपकी ज़बान पर चढ़ जाते हैं। आप अपनी पसंद की किन्हीं दो वस्तुओं पर विज्ञापन तैयार कीजिए।

READ FULL ANSWER »
VIEW ALL SOLUTIONS

Chapter Info

Subject: क्षितिज भाग-1
Class: class 9
Chapter 3: उपभोक्तावाद की संस्कृति
Medium: Hindi Medium