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Home» class 9»लोकतांत्रिक राजनीति» Chapter 4: संस्थाओं का कामकाज

न्यायपालिका के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा बयान गलत है?क... - लोकतांत्रिक राजनीति

Question

न्यायपालिका के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा बयान गलत है?
क. संसद द्वारा पारित प्रत्येक कानून को सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी की ज़रूरत होती है।
ख. अगर कोई कानून संविधान की भावना के खिलाफ़ है तो न्यायपालिका उसे अमान्य घोषित कर सकती है।
ग. न्यायपालिका कार्यपालिका से स्वतंत्र होती है।
घ. अगर किसी नागरिक के अधिकारों का हनन होता है तो वह अदालत में जा सकता है।

उत्तर (Answer)

सही उत्तर है:

क. संसद द्वारा पारित प्रत्येक कानून को सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी की ज़रूरत होती है।

(यह बयान गलत है क्योंकि संसद द्वारा पारित कानून राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ही लागू हो जाता है; सर्वोच्च न्यायालय केवल तभी हस्तक्षेप करता है जब उस कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी जाती है।)

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क. श्रीनिवास का तर्क है कि चूँकि सर्वोच्च न्यायालय सरकार के साथ सहमत हो गई है लिहाजा वह स्वतंत्र नहीं है।
ख. अंजैया का कहना है कि न्यायपालिका स्वतंत्र है क्योंकि वह सरकार के आदेश के खिलाफ़ फ़ैसला सुना सकती थी। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को उसमें संशोधन का निर्देश दिया।
ग. विजया का मानना है कि न्यायपालिका न तो स्वतंत्र है न ही किसी के अनुसार चलने वाली है बल्कि वह विरोधी समूहों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाती है। न्यायालय ने इस आदेश के समर्थकों और विरोधियों के बीच बढ़िया संतुलन बनाया।

आपकी राय में कौन-सा विचार सबसे सही है?

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Chapter Info

Subject: लोकतांत्रिक राजनीति
Class: class 9
Chapter 4: संस्थाओं का कामकाज
Medium: Hindi Medium