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Home» class 9»भारत और समकालीन विश्व – I» Chapter 3: नात्सीवाद और हिटलर का उदय

नात्सी सोच के खास पहलू कौन-से थे? - भारत और समकालीन विश्व – I

Question

नात्सी सोच के खास पहलू कौन-से थे?

उत्तर (Answer)

नात्सी सोच (विचारधारा) के खास पहलू निम्नलिखित थे:

  1. नस्लीय श्रेष्ठता: नात्सी विचारधारा के अनुसार सभी नस्लें बराबर नहीं थीं। इसमें 'नॉर्डिक जर्मन आर्य' सबसे ऊपर थे और 'यहूदी' सबसे निचले पायदान पर थे, जिन्हें कट्टर दुश्मन और अवांछित माना जाता था।

  2. लेबेन्स्रौम (जीवन स्थान): हिटलर का मानना था कि जर्मन नस्ल के विस्तार, संसाधनों और रहने की जगह के लिए नए इलाकों पर कब्जा करना जरूरी है।

  3. शक्तिशाली का अस्तित्व (Social Darwinism): नात्सियों का मानना था कि जो नस्ल ताकतवर है वही जीवित रहेगी और कमजोर नस्लों को खत्म हो जाना चाहिए।

  4. लोकतंत्र का विरोध: नात्सी लोकतंत्र और उदारवाद के सख्त खिलाफ थे। वे एक शक्तिशाली नेता (फ्यूहरर) के शासन और पूर्ण अनुशासन में विश्वास करते थे।

  5. यहूदी विरोध: वे यहूदियों को जर्मनी की सभी समस्याओं (आर्थिक मंदी, हार) का मुख्य कारण मानते थे और उन्हें समाज से पूरी तरह खत्म करना चाहते थे।

  6. युद्ध का महिमामंडन: नात्सी विचारधारा में युद्ध को राष्ट्र की शक्ति बढ़ाने और अपनी श्रेष्ठता साबित करने का अनिवार्य हिस्सा माना जाता था।

  7. शुद्धिकरण की नीति: वे केवल 'शुद्ध और स्वस्थ' आर्यों को ही समाज का हिस्सा मानते थे। इसलिए उन्होंने विकलांगों, जिप्सियों और अन्य अल्पसंख्यकों को खत्म करने की क्रूर नीति अपनाई।

Chapter Info

Subject: भारत और समकालीन विश्व – I
Class: class 9
Chapter 3: नात्सीवाद और हिटलर का उदय
Medium: Hindi Medium