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नात्सियों ने जनता पर पूरा नियंत्रण हासिल करने के लिए कौन-क... - भारत और समकालीन विश्व – I
नात्सियों ने जनता पर पूरा नियंत्रण हासिल करने के लिए कौन-कौन से तरीके अपनाए?
नात्सियों ने जनता पर पूरा नियंत्रण हासिल करने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाए:
विशेषाधिकार अधिनियम (Enabling Act): 3 मार्च 1933 को प्रसिद्ध 'विशेषाधिकार अधिनियम' पारित किया गया। इस कानून ने हिटलर को संसद को दरकिनार करने और केवल अध्यादेशों के जरिए शासन करने की तानाशाही शक्तियाँ दे दीं।
विपक्ष का दमन: नात्सी पार्टी और उससे जुड़े संगठनों को छोड़कर बाकी सभी राजनीतिक दलों और ट्रेड यूनियनों पर पाबंदी लगा दी गई।
सुरक्षा बलों का गठन: नियमित पुलिस के अलावा गेस्टापो (गुप्त राज्य पुलिस), एस.एस. (अपराध नियंत्रण बल) और एस.डी. (सुरक्षा सेवा) जैसे विशेष खूंखार सुरक्षा बल गठित किए गए। इन बलों को असीमित अधिकार दिए गए कि वे किसी को भी गिरफ्तार कर सकते थे या यातना शिविरों में भेज सकते थे।
मीडिया और संस्कृति पर नियंत्रण: अर्थव्यवस्था, मीडिया, सेना और न्यायपालिका पर राज्य का पूर्ण नियंत्रण स्थापित हो गया। रेडियो, प्रेस और फिल्मों का उपयोग केवल नात्सी विचारधारा और प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए किया गया।
शिक्षा का नात्सीकरण: स्कूलों के पाठ्यक्रम बदले गए ताकि बच्चों के मन में शुरुआत से ही हिटलर के प्रति वफादारी और यहूदियों के प्रति नफरत भरी जा सके।
प्रोपेगैंडा (दुष्प्रचार): रैलियों, स्वास्तिक झंडों और विशेष भाषणों के जरिए हिटलर को एक रक्षक और मसीहा के रूप में पेश किया गया, जिससे जनता उसके प्रभाव में रहे।