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किसी भी बात को अनेक प्रकार से कहा जा सकता है, जैसे-सुबह होने स... - क्षितिज भाग-1
Question
किसी भी बात को अनेक प्रकार से कहा जा सकता है, जैसे-
सुबह होने से पहले हम गाँव में थे।
पौ फटने वाली थी कि हम गाँव में थे।
तारों की छाँव रहते-रहते हम गाँव पहुँच गए।
नीचे दिए गए वाक्य को अलग-अलग तरीके से लिखिए-
‘जान नहीं पड़ता था कि घोड़ा आगे जा रहा है या पीछे।’
उत्तर (Answer)
इस वाक्य को निम्नलिखित अलग-अलग तरीके से लिखा जा सकता है:
यह पता ही नहीं चल पाता था कि घोड़ा आगे बढ़ रहा है या पीछे की ओर जा रहा है।
घोड़े की सुस्त चाल देखकर यह समझना मुश्किल था कि वह आगे जा रहा है या पीछे।
समझ नहीं आता था कि घोड़ा आगे चल रहा है अथवा पीछे।
घोड़े की गति इतनी अनिश्चित थी कि उसके आगे या पीछे जाने का बोध ही नहीं होता था।