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प्रस्तुत यात्रा-वृत्तांत के आधार पर बताइए कि उस समय का तिब्बती... - क्षितिज भाग-1
प्रस्तुत यात्रा-वृत्तांत के आधार पर बताइए कि उस समय का तिब्बती समाज कैसा था?
प्रस्तुत यात्रा-वृत्तांत के आधार पर उस समय का तिब्बती समाज निम्नलिखित था:
जाति-पाँति और छुआछूत का अभाव: तिब्बती समाज में जाति-पाँति और छुआछूत जैसी कुरीतियाँ नहीं थीं। लोग एक-दूसरे के साथ भेदभाव नहीं करते थे।
पर्दा प्रथा का न होना: वहाँ की महिलाओं में पर्दा प्रथा नहीं थी। वे अपरिचितों के सामने भी बेझिझक आती थीं।
अतिथि सत्कार: लोग बहुत उदार और मिलनसार थे। कोई भी अपरिचित व्यक्ति किसी के भी घर के अंदर जाकर चाय बनवा सकता था। केवल बहुत निम्न श्रेणी के भिखमंगों को चोरी के डर से घर के अंदर नहीं आने दिया जाता था।
धार्मिक विश्वास: समाज में बौद्ध धर्म का गहरा प्रभाव था। लोग लामाओं का बहुत सम्मान करते थे और गंडों (मन्त्र पढे हुए धागे) पर बहुत विश्वास करते थे।
असुरक्षित समाज: हथियार का कानून न होने के कारण लोग पिस्तौल और बंदूक को लाठी की तरह लेकर चलते थे। डाकुओं का बहुत भय था।
जागीरदारी प्रथा: ज़मीन जागीरदारों में बँटी थी, जिसका बड़ा हिस्सा मठों (विहारों) के हाथ में था। खेती का प्रबंध कोई भिक्षु (लामा) देखता था, जिसका सम्मान राजा के समान होता था।