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सुमति के यजमान और अन्य परिचित लोग लगभग हर गाँव में मिले। इस आध... - क्षितिज भाग-1
सुमति के यजमान और अन्य परिचित लोग लगभग हर गाँव में मिले। इस आधार पर आप सुमति के व्यक्तित्व की किन विशेषताओं का चित्रण कर सकते हैं?
सुमति के यजमान और परिचितों का हर गाँव में होने से उनके व्यक्तित्व की निम्नलिखित विशेषताएँ उभरकर आती हैं:
मिलनसार और लोकप्रिय: सुमति बहुत ही मिलनसार और हँसमुख व्यक्ति थे। वे जहाँ भी जाते, लोगों से घुल-मिल जाते थे, इसी कारण उनके बहुत सारे मित्र और यजमान थे।
धार्मिक व्यक्तित्व: वे एक बौद्ध भिक्षु थे। लोगों के बीच उनका बहुत सम्मान था। वे यजमानों को 'गंडे' (मंत्र पढ़ा हुआ धागा) बाँटते थे, जिसे लोग श्रद्धा से लेते थे।
कुशल मार्गदर्शक: सुमति को तिब्बत के रास्तों और वहाँ के समाज की गहरी जानकारी थी। वे अपनी जान-पहचान के कारण ही लेखक को कठिन रास्तों पर सुरक्षा और ठहरने की सुविधा दिला सके।
समय के पाबंद: यद्यपि वे यजमानों के पास जाने के लिए उत्सुक रहते थे, लेकिन वे अपने काम के प्रति गंभीर भी थे। लेखक के पिछड़ने पर वे क्रोधित तो हुए, लेकिन जल्दी ही शांत भी हो गए।
व्यावहारिक: वे जानते थे कि कहाँ किससे कैसे बात करनी है, इसीलिए वे विपरीत परिस्थितियों में भी रास्ता निकाल लेते थे।