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वैश्विक निर्धनता की प्रवृत्तियों पर चर्चा करें। - अर्थशास्त्र
वैश्विक निर्धनता की प्रवृत्तियों पर चर्चा करें।
वैश्विक निर्धनता की प्रवृत्तियों का विवरण निम्नलिखित है:
निर्धनता में भारी गिरावट: विश्व बैंक के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय निर्धनता रेखा ($1.90 प्रतिदिन से कम आय) पर रहने वाले लोगों की संख्या में वैश्विक स्तर पर भारी गिरावट आई है। यह 1990 के 36 प्रतिशत से गिरकर 2015 में 10 प्रतिशत रह गई है।
चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया: तीव्र आर्थिक विकास और मानव संसाधन विकास में भारी निवेश के कारण चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में निर्धनता में सबसे तेज़ी से कमी आई है। चीन में निर्धनों की संख्या 1981 के 88.3 प्रतिशत से घटकर 2015 में मात्र 0.7 प्रतिशत रह गई है।
दक्षिण एशिया: भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश जैसे दक्षिण एशियाई देशों में भी निर्धनता में गिरावट आई है, लेकिन यह गिरावट उतनी तेज़ नहीं है जितनी चीन में। यहाँ निर्धनों की कुल संख्या अब भी अधिक है।
उप-सहारा अफ्रीका: यहाँ निर्धनता में गिरावट की गति बहुत धीमी रही है। 2005 में यहाँ 51 प्रतिशत निर्धन थे जो 2015 में घटकर 41 प्रतिशत रह गए हैं।
लैटिन अमेरिका: लैटिन अमेरिका (जैसे ब्राज़ील, मेक्सिको) में निर्धनता का अनुपात लगभग स्थिर रहा है या इसमें बहुत कम गिरावट आई है।
रूस और पूर्व समाजवादी देश: रूस जैसे पूर्व समाजवादी देशों में जहाँ पहले आधिकारिक रूप से निर्धनता नहीं थी, वहाँ भी अब निर्धनता फिर से व्याप्त हो गई है।
निष्कर्ष: संयुक्त राष्ट्र के 'सतत विकास लक्ष्यों' (SDGs) के अनुसार, वर्ष 2030 तक सभी प्रकार की गरीबी को दुनिया से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।