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उन्नीसवीं और बीसवीं सदी की दुनिया के लिए फ्रांसीसी क्रांति कौन... - भारत और समकालीन विश्व – I
उन्नीसवीं और बीसवीं सदी की दुनिया के लिए फ्रांसीसी क्रांति कौन-सी विरासत छोड़ गई?
उन्नीसवीं और बीसवीं सदी की दुनिया के लिए फ्रांसीसी क्रांति निम्नलिखित विरासत छोड़ गई है:
स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकार: स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों के विचार फ्रांसीसी क्रांति की सबसे महत्वपूर्ण विरासत थे। ये विचार 19वीं सदी में फ्रांस से निकलकर पूरे यूरोप में फैले।
समानता और बंधुत्व: 'स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व' (Liberty, Equality, Fraternity) का नारा पूरी दुनिया के राजनीतिक आंदोलनों का आधार बना।
सामंतवाद का अंत: इस क्रांति ने सामंती व्यवस्था (Feudal System) के विनाश की शुरुआत की, जिससे यूरोप और दुनिया के अन्य हिस्सों में आधुनिक समाज का उदय हुआ।
राष्ट्रवाद का उदय: क्रांति ने लोगों में राष्ट्र के प्रति प्रेम और एकता की भावना जगाई, जिससे 19वीं सदी में कई नए राष्ट्र-राज्यों (Nation-states) का निर्माण हुआ।
उपनिवेशों में स्वतंत्रता आंदोलन: फ्रांसीसी क्रांति के विचारों ने एशिया और अफ्रीका के औपनिवेशिक देशों (जैसे भारत) के लोगों को गुलामी से मुक्ति पाने और संप्रभु राष्ट्र बनाने के लिए प्रेरित किया। टीपू सुल्तान और राजा राममोहन राय जैसे भारतीय क्रांतिकारी भी इन विचारों से प्रभावित थे।
मानवाधिकारों की घोषणा: मानव और नागरिक अधिकारों के घोषणापत्र ने दुनिया को यह सिखाया कि जन्म के आधार पर नहीं, बल्कि योग्यता और कानून के आधार पर अधिकार मिलने चाहिए।