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नेपोलियन के उदय को कैसे समझा जा सकता है? - भारत और समकालीन विश्व – I
नेपोलियन के उदय को कैसे समझा जा सकता है?
नेपोलियन के उदय को निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:
राजनीतिक अस्थिरता: रोबेस्प्येर के पतन के बाद फ्रांस में 'डिरेक्ट्री' (Directory) का शासन शुरू हुआ। डिरेक्ट्री के पाँच सदस्यों और विधान परिषदों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। इस राजनीतिक अस्थिरता ने सेना के तानाशाह के उदय का मार्ग प्रशस्त किया।
सफल सैन्य नेतृत्व: नेपोलियन बोनापार्ट एक अत्यंत कुशल और महत्वाकांक्षी सैन्य सेनापति था। फ्रांस के युद्धों में उसकी लगातार जीत ने उसे जनता के बीच बहुत लोकप्रिय बना दिया।
सत्ता पर कब्जा: 1799 में नेपोलियन ने डायरेक्ट्री के शासन का अंत कर दिया और सत्ता अपने हाथ में ले ली।
स्वयं को सम्राट घोषित करना: 1804 में नेपोलियन ने खुद को फ्रांस का सम्राट घोषित कर दिया। उसने खुद को 'यूरोप के आधुनिकीकरण' का अग्रदूत माना।
प्रशासनिक सुधार: उसने निजी संपत्ति की सुरक्षा और नाप-तौल की समान दशमलव प्रणाली जैसे क्रांतिकारी सुधार लागू किए, जिससे शुरुआत में कई लोगों ने उसे एक 'मुक्तिदाता' के रूप में देखा।
संक्षेप में, फ्रांस की क्रांतिकारी सरकार की आपसी कलह और सेना की बढ़ती शक्ति ने नेपोलियन को सत्ता पर कब्जा करने का सुनहरा अवसर दिया।