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क्या हम इस अध्याय में दी गई सूचनाओं के आधार पर निम्नलिखित ... - लोकतांत्रिक राजनीति
क्या हम इस अध्याय में दी गई सूचनाओं के आधार पर निम्नलिखित निष्कर्ष निकाल सकते हैं? इनमें से सभी पर अपनी राय के पक्ष में दो तथ्य प्रस्तुत कीजिए।
क. भारत के चुनाव आयोग को देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करा सकने लायक पर्याप्त अधिकार नहीं हैं।
ख. हमारे देश के चुनाव में लोगों की ज़बरदस्त भागीदारी होती है।
ग. सत्ताधारी पार्टी के लिए चुनाव जीतना बहुत आसान होता है।
घ. अपने चुनावों को पूरी तरह से निष्पक्ष और स्वतंत्र बनाने के लिए कई कदम उठाने ज़रूरी हैं।
इन निष्कर्षों पर राय और उनके पक्ष में तथ्य निम्नलिखित हैं:
क. असहमत
तर्क: भारत का चुनाव आयोग बहुत शक्तिशाली है।
चुनाव आयोग चुनाव की अधिसूचना से लेकर नतीजों की घोषणा तक पूरी चुनाव प्रक्रिया का नियंत्रण करता है।
चुनाव के दौरान सरकारी अधिकारी सरकार के अधीन नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के अधीन काम करते हैं।
ख. सहमत
तर्क: भारत में चुनाव में जनता की भागीदारी काफी अधिक रहती है।
भारत में पिछले कई वर्षों में मतदान का प्रतिशत या तो स्थिर रहा है या बढ़ा है, जबकि पश्चिमी देशों में यह गिरा है।
भारत में अमीर और विशेषाधिकार प्राप्त लोगों की तुलना में गरीब, निरक्षर और कमजोर वर्ग के लोग अधिक अनुपात में मतदान करते हैं।
ग. असहमत
तर्क: भारत में सत्ताधारी पार्टी के लिए चुनाव जीतना आसान नहीं होता।
भारत में सत्ताधारी पार्टियाँ नियमित रूप से चुनाव हारती रही हैं (चाहे वह केंद्र हो या राज्य)।
पिछले कुछ दशकों के रिकॉर्ड बताते हैं कि भारत में लगभग आधे वर्तमान सांसद और विधायक अगले चुनाव में हार जाते हैं।
घ. सहमत
तर्क: अभी भी कुछ चुनौतियाँ हैं जिन्हें दूर करना आवश्यक है।
चुनाव में धन-बल का बहुत अधिक प्रयोग होता है, जिससे अमीर उम्मीदवारों को अनुचित लाभ मिलता है।
आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग कई बार अपनी ताकत के बल पर टिकट पाने और चुनाव जीतने में सफल हो जाते हैं, जिसे रोकना जरूरी है।