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परियोजना कार्य (i) अपने राज्य का विस्तार अक्षांश और देशां... - समकालीन भारत
परियोजना कार्य
(i) अपने राज्य का विस्तार अक्षांश और देशांतर में ज्ञात कीजिए।
(ii) ‘रेशम मार्ग’ के बारे में सूचना एकत्र कीजिए। यह भी ज्ञात कीजिए की किन नई विकास योजनाओं द्वारा उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन के मार्ग विकसित किए गए हैं?
(i) अपने राज्य का विस्तार अक्षांश और देशांतर में ज्ञात कीजिए:
(नोट: चूँकि आपने अपने राज्य का नाम नहीं बताया है, यहाँ उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार का विस्तार दिया गया है। आप अपने राज्य के अनुसार लिख सकते हैं)
उत्तर प्रदेश:
अक्षांशीय विस्तार: 23° 52' उ० से 31° 28' उ० तक।
देशांतरीय विस्तार: 77° 03' पू० से 84° 39' पू० तक।
बिहार:
अक्षांशीय विस्तार: 24° 20' उ० से 27° 31' उ० तक।
देशांतरीय विस्तार: 83° 19' पू० से 88° 17' पू० तक।
(ii) ‘रेशम मार्ग’ के बारे में सूचना और नई विकास योजनाएं:
रेशम मार्ग (Silk Route):
यह प्राचीन काल में व्यापारिक मार्गों का एक बड़ा नेटवर्क था, जो चीन को पश्चिम में मध्य एशिया, यूरोप और अफ्रीका से जोड़ता था।
इसका नाम 'रेशम मार्ग' इसलिए पड़ा क्योंकि चीन से रेशम का व्यापार इस मार्ग का मुख्य हिस्सा था।
भारत के लिए यह मार्ग न केवल व्यापार बल्कि धर्म (बौद्ध धर्म), कला और तकनीक के आदान-प्रदान का भी माध्यम था।
उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन की नई विकास योजनाएं:
पर्वतीय क्षेत्रों (जैसे हिमालय) में संपर्क सुधारने के लिए सरकार ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
सीमा सड़क संगठन (BRO): यह संगठन दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों और पुलों का निर्माण और रखरखाव करता है।
अटल टनल (Atal Tunnel): रोहतांग दर्रे के नीचे बनी यह सुरंग मनाली और लाहौल-स्पीति घाटी को साल भर संपर्क प्रदान करती है।
जोजी-ला सुरंग (Zoji-la Tunnel): यह श्रीनगर और लेह के बीच हर मौसम में संपर्क बनाए रखने के लिए बनाई जा रही है।
भारतमाला परियोजना: इसके तहत सीमावर्ती और पर्वतीय क्षेत्रों में रणनीतिक महत्व की सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है।
चार धाम ऑल-वेदर रोड परियोजना: उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों को सुरक्षित सड़कों से जोड़ना।