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82°30' पूर्व देशांतर को भारत की मानक याम्योत्तर क्यों माना... - समकालीन भारत
82°30' पूर्व देशांतर को भारत की मानक याम्योत्तर क्यों माना गया है?
82°30' पूर्व देशांतर को भारत की 'मानक याम्योत्तर' (Standard Meridian) मानने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
समय की एकरूपता: भारत का देशांतरीय विस्तार लगभग 30° है। इस विस्तार के कारण देश के सबसे पूर्वी और पश्चिमी छोर के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर आ जाता है। पूरे देश में समय की एकरूपता बनाए रखने के लिए एक मानक समय की आवश्यकता थी।
केंद्रीय स्थिति: 82°30' पूर्व देशांतर भारत के लगभग मध्य (मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश) से होकर गुजरती है। इसीलिए इसे पूरे देश के लिए मानक समय चुनने के लिए सबसे उपयुक्त माना गया।
भ्रम से बचाव: यदि अलग-अलग राज्यों का अपना समय होता, तो रेलवे, हवाई जहाज और संचार सेवाओं के संचालन में बहुत भारी भ्रम और बाधा उत्पन्न होती।
अंतर्राष्ट्रीय मानक: यह देशांतर 7°30' का गुणक (multiple) है, जो अंतर्राष्ट्रीय समय प्रणाली के मानकों के अनुरूप है।
इसी देशांतर के स्थानीय समय को पूरे देश का मानक समय (IST) माना जाता है।