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| परियोजना कार्य (i) अपने पड़ोस में पाए जाने वाले कुछ औषधि पा... - समकालीन भारत
| परियोजना कार्य
(i) अपने पड़ोस में पाए जाने वाले कुछ औषधि पादप का पता लगाएँ।
(ii) किन्हीं दस व्यवसायों के नाम ज्ञात करो जिन्हें जंगल और जंगली जानवरों से कच्चा माल प्राप्त होता है।
(iii) वन्य प्राणियों का महत्त्व बताते हुए एक पद्यांश या गद्यांश लिखिए।
(iv) वृक्षों का महत्त्व बताते हुए एक नुक्कड़ नाटक की रचना करो ओर उसका अपने गली-मुहल्ले में मंचन करो।
(v) अपने या अपने परिवार के किसी भी सदस्य के जन्मदिन पर किसी भी पौधे को लगाइए और देखिए कि वह कैसे बड़ा होता है और किस मौसम में जल्दी बढ़ता है?
(i) पड़ोस में पाए जाने वाले कुछ औषधि पादप:
तुलसी: खाँसी, जुकाम और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में उपयोगी।
नीम: त्वचा रोगों, कीटनाशक और रक्त शोधन के लिए।
एलोवेरा (घृतकुमारी): त्वचा की देखभाल और पाचन संबंधी समस्याओं के लिए।
गिलोय: बुखार (विशेषकर डेंगू) और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए।
पुदीना: पाचन क्रिया में सुधार और ठंडक के लिए।
(ii) दस व्यवसाय जिन्हें जंगल/वन्य जीवों से कच्चा माल मिलता है:
फर्नीचर उद्योग (लकड़ी)
कागज उद्योग (लुगदी)
आयुर्वेद और औषधि निर्माण (जड़ी-बूटियाँ)
रबर उद्योग (लेटेक्स/रबर का दूध)
शहद उत्पादन (मधुमक्खी पालन)
रेशम उद्योग (सेरीकल्चर)
माचिस और खेल उपकरण उद्योग
इत्र और सुगंधित तेल उद्योग (जैसे चंदन)
लाख (Lac) उद्योग (चूड़ियाँ और सील बनाने के लिए)
गोंद और राल (Resin) उद्योग
(iii) वन्य प्राणियों का महत्त्व (पद्यांश):
"प्रकृति के ये सुंदर गहने, वन्य जीव हैं सबसे न्यारे,
संतुलन धरा का बनाए रखते, ये हैं हम सबके प्यारे।
खाद्य श्रृंखला की अटूट कड़ी, इनके बिन जीवन अधूरा,
रक्षा करें हम इनकी मिलकर, तभी होगा सपना पूरा।"
(iv) वृक्षों का महत्त्व (नुक्कड़ नाटक का संक्षिप्त प्रारूप):
शीर्षक: "वृक्ष धरा के भूषण हैं"
पात्र: सूत्रधार, एक कुल्हाड़ी वाला, एक ग्रामीण, एक बच्चा।
दृश्य: कुल्हाड़ी वाला पेड़ काटने चलता है।
संवाद:
कुल्हाड़ी वाला: "आज इस पुराने पेड़ को काटकर पैसे कमाऊँगा!"
ग्रामीण: "रुको! यह पेड़ हमें ऑक्सीजन, फल और छाया देता है। इसे काटना यानी अपने भविष्य को काटना है।"
बच्चा: "अगर पेड़ नहीं होंगे, तो बारिश कैसे होगी? हम सांस कैसे लेंगे?"
सब मिलकर: "पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ! धरती को स्वर्ग बनाओ!"
निष्कर्ष: कुल्हाड़ी वाला अपनी गलती मानकर पेड़ न काटने और पौधे लगाने की कसम खाता है।
(v) जन्मदिन पर पौधा लगाना (अनुभव/सुझाव):
आप अपने जन्मदिन पर 'नीम' या 'पीपल' का पौधा लगा सकते हैं।
अवलोकन: आप देखेंगे कि मानसून (वर्षा ऋतु) के दौरान पौधा सबसे तेजी से बढ़ता है क्योंकि उसे पर्याप्त पानी और नमी मिलती है। सर्दियों में इसकी वृद्धि थोड़ी धीमी हो जाती है। इसे नियमित खाद और सुरक्षा की आवश्यकता होती है।