
Get Updates
Subscribe to receive instant notifications for new study materials and important updates.
भारत वनस्पति जगत तथा प्राणी जगत की धरोहर में धनी क्यों है? - समकालीन भारत
भारत वनस्पति जगत तथा प्राणी जगत की धरोहर में धनी क्यों है?
भारत वनस्पति जगत तथा प्राणी जगत की धरोहर में निम्नलिखित कारणों से धनी है:
विशाल भू-भाग और धरातल: भारत एक विशाल देश है जहाँ पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल जैसी विविध भू-आकृतियाँ पाई जाती हैं। ये अलग-अलग जीवों और वनस्पतियों को विशिष्ट आवास प्रदान करती हैं।
मृदा की विविधता: भारत में विभिन्न प्रकार की मिट्टी (जैसे—जलोढ़, काली, रेतीली और लैटेराइट) पाई जाती है, जो अलग-अलग प्रकार की वनस्पतियों और उन पर आश्रित जीवों के विकास में सहायक होती है।
जलवायु की विविधता:
तापमान: भारत में उष्ण कटिबंधीय से लेकर अल्पाइन (ठंडे) प्रकार की जलवायु पाई जाती है, जो विभिन्न प्रजातियों के पनपने के लिए अनुकूल है।
सूर्य का प्रकाश: भारत की भौगोलिक स्थिति के कारण यहाँ सूर्य का प्रकाश पर्याप्त अवधि तक मिलता है, जिससे वृक्ष तेजी से बढ़ते हैं।
वर्षण (वर्षा): भारत में वर्षा का वितरण असमान है। अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों (जैसे पश्चिमी घाट और उत्तर-पूर्वी राज्य) में घने वन पाए जाते हैं, जबकि कम वर्षा वाले क्षेत्रों में कटीली वनस्पतियाँ मिलती हैं।
12 मुख्य जैव-विविधता वाले देशों में स्थान: भारत विश्व के मुख्य 12 जैव-विविधता वाले देशों में से एक है। यहाँ लगभग 47,000 पादप प्रजातियाँ और 90,000 से अधिक जानवरों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
इन सभी भौतिक और जलवायु संबंधी कारकों के मेल के कारण ही भारत जैव-विविधता के मामले में इतना समृद्ध है।