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'इतना तो हो ही गया कि नौ दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आ... - क्षितिज भाग-1
'इतना तो हो ही गया कि नौ दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगे'—मोती के इस कथन के आलोक में उसकी विशेषताएँ बताइए।
मोती के इस कथन से उसकी निम्नलिखित विशेषताएँ स्पष्ट होती हैं:
परोपकारी स्वभाव: मोती केवल अपने बारे में नहीं, बल्कि दूसरे जानवरों के हित के बारे में भी सोचता है। वह दूसरों की जान बचाने के लिए खुद मुसीबत मोल लेना बेहतर समझता है।
साहसी और वीर: उसमें अन्याय के खिलाफ लड़ने का साहस है। उसने कांजीहौस की दीवार तोड़कर अपनी वीरता का परिचय दिया।
आशावादी दृष्टिकोण: कैद होने और मार खाने के बावजूद वह इस बात से संतुष्ट है कि उसने कुछ अच्छा काम किया है। उसे विश्वास है कि दूसरों की दुआएँ काम आएंगी।
दयालु और संवेदनशील: वह अन्य मूक प्राणियों के कष्ट को महसूस करता है और उनके प्रति सहानुभूति रखता है।
निःस्वार्थ भावना: मोती के मन में किसी फल की इच्छा नहीं है, वह केवल दूसरों की मदद करके खुशी महसूस करता है।