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मनोज एक सरकारी दफ़्तर में मैनेजर के पद के लिए आवेदन देने गया। ... - लोकतांत्रिक राजनीति
मनोज एक सरकारी दफ़्तर में मैनेजर के पद के लिए आवेदन देने गया। वहाँ के किरानी ने उसका आवेदन लेने से मना कर दिया और कहा, 'झाडू लगाने वाले का बेटा होकर तुम मैनेजर बनना चाहते हो। तुम्हारी जाति का कोई कभी इस पद पर आया है? नगरपालिका के दफ़्तर जाओ और सफ़ाई कर्मचारी के लिए अर्जी दो।' इस मामले में मनोज के किस मौलिक अधिकार का उल्लंघन हो रहा है? मनोज की तरफ़ से जिला अधिकारी के नाम लिखे एक पत्र में इसका उल्लेख करो।
इस मामले में मनोज के 'समानता के अधिकार' का उल्लंघन हो रहा है। इसके अंतर्गत विशेष रूप से जाति के आधार पर भेदभाव (अनुच्छेद 15) और सरकारी नौकरियों में अवसर की समानता (अनुच्छेद 16) का हनन हुआ है।
जिला अधिकारी को पत्र:
सेवा में,
जिला अधिकारी,
[अपने जिले का नाम]
विषय: जाति आधारित भेदभाव और आवेदन पत्र न स्वीकार करने के संबंध में।
महोदय,
मैं, मनोज, आपके संज्ञान में एक गंभीर विषय लाना चाहता हूँ। आज जब मैं [कार्यालय का नाम] में मैनेजर पद के लिए अपना आवेदन जमा करने गया, तो वहाँ उपस्थित क्लर्क ने मेरा आवेदन लेने से स्पष्ट मना कर दिया। उन्होंने मेरी जाति का अपमान करते हुए कहा कि 'झाडू लगाने वाले का बेटा मैनेजर नहीं बन सकता' और मुझे सफाई कर्मचारी के पद के लिए आवेदन करने को कहा।
यह कृत्य भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मेरे 'समानता के अधिकार' और गरिमा के साथ जीने के अधिकार का उल्लंघन है। जाति के आधार पर इस तरह का भेदभाव कानूनी अपराध है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस मामले की जाँच करवाकर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि मुझे न्याय मिल सके और सरकारी पद के लिए मेरा आवेदन स्वीकार किया जाए।
धन्यवाद।
प्रार्थी,
मनोज
[दिनांक]