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निम्नलिखित के बारे में संक्षेप में लिखिए :➢ कुलक➢ ड्यूमा➢ ... - भारत और समकालीन विश्व – I
निम्नलिखित के बारे में संक्षेप में लिखिए :
➢ कुलक
➢ ड्यूमा
➢ 1900 से 1930 के बीच महिला कामगार
➢ उदारवादी
➢ स्तालिन का सामूहिकीकरण कार्यक्रम
यहाँ पूछे गए विषयों का संक्षिप्त विवरण है:
कुलक (Kulaks): रूस के संपन्न किसानों को 'कुलक' कहा जाता था। स्तालिन के शासनकाल में जब अनाज की कमी हुई, तो माना गया कि कुलक अनाज जमा कर रहे हैं। इसके बाद उनके खेतों पर कब्जे किए गए और 'कुलकों का सफाया' करने के नाम पर उनकी संपत्तियाँ छीन ली गईं।
ड्यूमा (Duma): 1905 की क्रांति के बाद जार निकोलस II ने एक निर्वाचित परामर्शदाता संसद के गठन की अनुमति दी, जिसे 'ड्यूमा' कहा गया। जार ने अपनी सत्ता पर अंकुश लगने के डर से पहली ड्यूमा को मात्र 75 दिनों के भीतर बर्खास्त कर दिया था।
1900 से 1930 के बीच महिला कामगार: 1914 तक रूस के कुल फैक्ट्री मजदूरों में महिलाओं की संख्या 31% थी। हालाँकि, उन्हें पुरुषों की तुलना में बहुत कम (आधे से तीन-चौथाई) वेतन मिलता था। महिलाओं ने आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और फरवरी क्रांति की शुरुआत भी महिला कामगारों की हड़ताल से हुई थी।
उदारवादी (Liberals): उदारवादी वे लोग थे जो समाज परिवर्तन चाहते थे। वे ऐसा देश चाहते थे जहाँ सभी धर्मों को बराबर सम्मान मिले। वे राजा की निरंकुश सत्ता के खिलाफ थे और प्रतिनिधित्व वाली संसदीय सरकार चाहते थे। हालाँकि, वे 'लोकतंत्रवादी' नहीं थे क्योंकि वे सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के पक्ष में नहीं थे; उनका मानना था कि केवल संपत्तिधारियों को ही वोट देने का अधिकार होना चाहिए।
स्तालिन का सामूहिकीकरण कार्यक्रम: 1929 में स्तालिन ने अनाज की कमी दूर करने के लिए 'सामूहिकीकरण' लागू किया। इसके तहत छोटे-छोटे खेतों को मिलाकर विशाल सरकारी फार्म बनाए गए जिन्हें 'कोल्खोज़' कहा जाता था। किसानों को इन सामूहिक खेतों पर काम करने के लिए मजबूर किया गया। इसका विरोध करने वाले किसानों को सख्त सजा दी गई या देश निकाला दे दिया गया।