
Get Updates
Subscribe to receive instant notifications for new study materials and important updates.
दो सूचियाँ बनाइए : एक सूची में फरवरी क्रांति की मुख्य घटनाओं औ... - भारत और समकालीन विश्व – I
दो सूचियाँ बनाइए : एक सूची में फरवरी क्रांति की मुख्य घटनाओं और प्रभावों को लिखिए और दूसरी सूची में अक्तूबर क्रांति की प्रमुख घटनाओं और प्रभावों को दर्ज कीजिए।
यहाँ फरवरी क्रांति और अक्टूबर क्रांति की मुख्य घटनाओं और प्रभावों की सूचियाँ दी गई हैं:
1. फरवरी क्रांति (1917)
मुख्य घटनाएँ:
22 फरवरी: पेट्रोग्राद के दाएं तट पर स्थित एक फैक्ट्री में तालाबंदी हुई।
23 फरवरी: 50 अन्य फैक्ट्रियों के मजदूरों ने समर्थन में हड़ताल की (इसे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया गया)।
25-27 फरवरी: सरकार ने ड्यूमा को बर्खास्त कर दिया। इसके विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों पर कब्जा कर लिया। सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने से मना कर दिया और मजदूरों के साथ मिलकर 'पेट्रोग्राद सोवियत' का गठन किया।
2 मार्च: सैन्य कमांडरों की सलाह पर ज़ार निकोलस II ने गद्दी छोड़ दी।
प्रभाव:
रूस में सदियों पुरानी राजशाही का अंत हो गया।
देश चलाने के लिए 'अंतरिम सरकार' (Provisional Government) का गठन हुआ।
सार्वजनिक सभाओं और संगठनों पर लगी पाबंदियाँ हटा दी गईं।
2. अक्टूबर क्रांति (1917)
मुख्य घटनाएँ:
16 अक्टूबर: लेनिन ने पेट्रोग्राद सोवियत और बोल्शेविक पार्टी को सत्ता पर कब्जा करने के लिए मना लिया। लियोन ट्रॉट्स्की के नेतृत्व में 'सैन्य क्रांतिकारी समिति' बनाई गई।
24 अक्टूबर: विद्रोह शुरू हुआ। क्रांतिकारी सैनिकों ने टेलीफोन, टेलीग्राम दफ्तरों और रेलवे स्टेशनों पर नियंत्रण कर लिया।
अक्टूबर की रात: 'अरोरा' युद्धपोत ने विंटर पैलेस पर बमबारी की। शाम तक पूरी सरकारी मशीनरी और मंत्रियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।
दिसंबर: मॉस्को-पेट्रोग्राद इलाके पर बोल्शेविकों का पूरा नियंत्रण हो गया।
प्रभाव:
रूस में बोल्शेविकों (कम्युनिस्ट पार्टी) की सरकार बनी और लेनिन सत्ता में आए।
बैंकों और उद्योगों का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया।
ज़मीन को 'सामाजिक संपत्ति' घोषित किया गया और किसानों को सामंतों की ज़मीन पर कब्जे की अनुमति दी गई।
रूस प्रथम विश्व युद्ध से बाहर हो गया।