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Home» class 9»समकालीन भारत» Chapter 4: जलवायु

उत्तर-भारत में पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा की मात्रा क्यों घटत... - समकालीन भारत

Question

उत्तर-भारत में पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा की मात्रा क्यों घटती जाती है?

उत्तर (Answer)

उत्तर-भारत में पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा की मात्रा घटने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  1. नमी में कमी: उत्तर भारत में अधिकांश वर्षा मानसून की बंगाल की खाड़ी वाली शाखा से होती है। जैसे-जैसे ये पवनें पूर्व से पश्चिम की ओर आगे बढ़ती हैं, इनकी नमी (Moisture) लगातार कम होती जाती है।

  2. दूरी का प्रभाव: मानसूनी पवनें जैसे-जैसे समुद्र से दूर आंतरिक भागों की ओर बढ़ती हैं, उनमें जलवाष्प की मात्रा घटती जाती है, जिससे वर्षा कम होने लगती है।

  3. हिमालय की स्थिति: ये पवनें हिमालय के सहारे पश्चिम की ओर मुड़ जाती हैं और मार्ग में वर्षा करते हुए आगे बढ़ती हैं। दिल्ली और पंजाब तक पहुँचते-पहुँचते इनमें नमी बहुत कम रह जाती है।

यही कारण है कि कोलकाता (पूर्व) में अधिक वर्षा होती है और दिल्ली या राजस्थान (पश्चिम) की ओर पहुँचते-पहुँचते वर्षा की मात्रा घट जाती है।

Related Questions

नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

(i) नीचे दिए गए स्थानों में किस स्थान पर विश्व में सबसे अधिक वर्षा होती है?
(क) सिलचर (ख) चेरापूंजी
(ग) मासिनराम (घ) गुवाहाटी

(ii) ग्रीष्म ऋतु में उत्तरी मैदानों में बहने वाली पवन को निम्नलिखित में से क्या कहा जाता है?
(क) काल वैशाखी (ख) व्यापारिक पवनें
(ग) लू (घ) इनमें से कोई नहीं

(iii) भारत में मानसून का आगमन निम्नलिखित में से कब होता है-
(क) मई के प्रारंभ में (ख) जून के प्रारंभ में
(ग) जुलाई के प्रारंभ में (घ) अगस्त के प्रारंभ में

(iv) निम्नलिखित में से कौन-सी भारत में शीत ऋतु की विशेषता है?
(क) गर्म दिन एवं गर्म रातें
(ख) गर्म दिन एवं ठंडी रातें
(ग) ठंडा दिन एवं ठंडी रातें
(घ) ठंडा दिन एवं गर्म रातें

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Chapter Info

Subject: समकालीन भारत
Class: class 9
Chapter 4: जलवायु
Medium: Hindi Medium