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उत्तर-भारत में पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा की मात्रा क्यों घटत... - समकालीन भारत
उत्तर-भारत में पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा की मात्रा क्यों घटती जाती है?
उत्तर-भारत में पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा की मात्रा घटने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
नमी में कमी: उत्तर भारत में अधिकांश वर्षा मानसून की बंगाल की खाड़ी वाली शाखा से होती है। जैसे-जैसे ये पवनें पूर्व से पश्चिम की ओर आगे बढ़ती हैं, इनकी नमी (Moisture) लगातार कम होती जाती है।
दूरी का प्रभाव: मानसूनी पवनें जैसे-जैसे समुद्र से दूर आंतरिक भागों की ओर बढ़ती हैं, उनमें जलवाष्प की मात्रा घटती जाती है, जिससे वर्षा कम होने लगती है।
हिमालय की स्थिति: ये पवनें हिमालय के सहारे पश्चिम की ओर मुड़ जाती हैं और मार्ग में वर्षा करते हुए आगे बढ़ती हैं। दिल्ली और पंजाब तक पहुँचते-पहुँचते इनमें नमी बहुत कम रह जाती है।
यही कारण है कि कोलकाता (पूर्व) में अधिक वर्षा होती है और दिल्ली या राजस्थान (पश्चिम) की ओर पहुँचते-पहुँचते वर्षा की मात्रा घट जाती है।