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Home» class 9»क्षितिज भाग-1» Chapter 4: साँवले सपनों की याद

'साँवले सपनों की याद' शीर्षक की सार्थकता पर टिप्पणी कीजिए। - क्षितिज भाग-1

Question

'साँवले सपनों की याद' शीर्षक की सार्थकता पर टिप्पणी कीजिए।

उत्तर (Answer)

'साँवले सपनों की याद' शीर्षक इस पाठ के लिए अत्यंत सार्थक और उपयुक्त है, जिसके कारण निम्नलिखित हैं:

  1. सपनों का अर्थ: यहाँ 'साँवले सपने' सालिम अली के उन सपनों का प्रतीक हैं, जो पक्षियों और प्रकृति के संरक्षण से जुड़े थे। वे जीवन भर इन्हीं मधुर सपनों को सच करने में लगे रहे।

  2. साँवले शब्द की सार्थकता: 'साँवला' रंग मोहक और रहस्यमयी यादों का प्रतीक है। लेखक के मन में सालिम अली की जो यादें हैं, वे अब धुंधली और भावुक कर देने वाली हैं, क्योंकि सालिम अली अब इस दुनिया में नहीं हैं।

  3. संस्मरण विधा: यह पाठ एक संस्मरण (याद) है। लेखक ने सालिम अली की मृत्यु के तुरंत बाद उनके व्यक्तित्व को याद करते हुए इसे लिखा है, इसलिए 'याद' शब्द यहाँ पूर्णतः उचित है।

  4. जिज्ञासा पैदा करना: यह शीर्षक पाठक के मन में जिज्ञासा पैदा करता है कि ये सपने किसके हैं और इन्हें 'साँवला' क्यों कहा गया है।

निष्कर्ष: यह शीर्षक लेखक की आंतरिक संवेदना और सालिम अली के महान व्यक्तित्व को पूरी तरह व्यक्त करता है।

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Chapter Info

Subject: क्षितिज भाग-1
Class: class 9
Chapter 4: साँवले सपनों की याद
Medium: Hindi Medium