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मंझोले और बड़े किसान कृषि से कैसे पूँजी प्राप्त करते हैं? वे छ... - अर्थशास्त्र
मंझोले और बड़े किसान कृषि से कैसे पूँजी प्राप्त करते हैं? वे छोटे किसानों से कैसे भिन्न हैं?
मंझोले और बड़े किसान अपनी पूँजी और छोटे किसानों से उनकी भिन्नता का विवरण इस प्रकार है:
पूँजी की प्राप्ति:
मंझोले और बड़े किसानों के पास अपनी खेती से होने वाली बचत होती है। वे अपनी बड़ी जोतों (भूमि) पर अधिक उत्पादन करते हैं और अपनी घरेलू आवश्यकताओं के लिए अनाज रखने के बाद, बचे हुए अधिशेष (Surplus) अनाज को बाज़ार में बेच देते हैं। इस बिक्री से प्राप्त लाभ ही उनकी अगली फसल के लिए पूँजी बन जाता है।
छोटे किसानों से भिन्नता:
बचत: बड़े किसानों के पास अपनी बचत होती है, जबकि छोटे किसानों के पास बचत नहीं होती और उन्हें पूँजी के लिए कर्ज लेना पड़ता है।
कर्ज का स्रोत: छोटे किसान साहूकारों या बड़े किसानों से ऊँची ब्याज दर पर कर्ज लेते हैं, जबकि बड़े किसान अपनी बचत का उपयोग करते हैं या बैंकों से सस्ता ऋण ले सकते हैं।
बाज़ार में बिक्री: बड़े किसानों के पास बाज़ार में बेचने के लिए बहुत अधिक अनाज होता है, जबकि छोटे किसानों का उत्पादन उनके परिवार के उपभोग के लिए ही मुश्किल से पूरा पड़ता है।
श्रम: बड़े किसान खेती के लिए मज़दूरों को काम पर रखते हैं, जबकि छोटे किसान अपने परिवार के साथ स्वयं खेतों में काम करते हैं।