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एक हेक्टेयर भूमि के मालिक किसान के कार्य का ब्यौरा दीजिए। - अर्थशास्त्र
एक हेक्टेयर भूमि के मालिक किसान के कार्य का ब्यौरा दीजिए।
एक हेक्टेयर भूमि के मालिक किसान (छोटा किसान) के कार्य का ब्यौरा निम्नलिखित है:
स्वयं का श्रम: एक हेक्टेयर भूमि बहुत कम होती है, इसलिए किसान और उसके परिवार के सदस्य खेतों में सारा काम (जुताई, बुआई और कटाई) स्वयं ही करते हैं। उसे बाहर से मज़दूर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
पूंजी की समस्या: छोटे किसान के पास बचत नहीं होती, इसलिए उसे बीज, उर्वरक और कीटनाशक खरीदने के लिए बड़े किसानों या साहूकारों से ऊँची ब्याज दर पर कर्ज लेना पड़ता है।
सिंचाई और उपकरण: वह सिंचाई के लिए या तो वर्षा पर निर्भर रहता है या सरकारी नलकूपों का सहारा लेता है। वह खेती के लिए साधारण औजारों और बैलों का उपयोग करता है।
कम अधिशेष (Surplus): भूमि कम होने के कारण कुल उत्पादन कम होता है। फसल का अधिकांश भाग परिवार के उपभोग (खाने) के लिए रख लिया जाता है, जिससे बाज़ार में बेचने के लिए बहुत कम अनाज बचता है।
अतिरिक्त कार्य: खेती से पर्याप्त आय न होने के कारण उसे अपने परिवार का गुजारा करने के लिए अक्सर दूसरे बड़े किसानों के खेतों में मज़दूरी भी करनी पड़ती है।