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लोकतंत्र के खिलाफ़ दिए जाने वाले इन तर्कों का जवाब दीजिए: क.&... - लोकतांत्रिक राजनीति
लोकतंत्र के खिलाफ़ दिए जाने वाले इन तर्कों का जवाब दीजिए:
क. सेना देश का सबसे अनुशासित और भ्रष्टाचार मुक्त संगठन है। इसलिए सेना को देश का शासन करना चाहिए।
ख. बहुमत के शासन का मतलब है मूर्खों और अशिक्षितों का राज। हमें तो होशियारों के शासन की ज़रूरत है, भले ही उनकी संख्या कम क्यों न हो।
ग. अगर आध्यात्मिक मामलों में मार्गदर्शन के लिए हमें धर्म-गुरुओं की ज़रूरत होती है तो उन्हीं को राजनैतिक मामलों में मार्गदर्शन का काम क्यों नहीं सौंपा जाए। देश पर धर्म-गुरुओं का शासन होना चाहिए।
इन तर्कों के जवाब निम्नलिखित हैं:
क. सेना का काम देश की रक्षा करना है, शासन करना नहीं। सेना लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई नहीं होती, इसलिए वह जनता के प्रति जवाबदेह नहीं होती। सैन्य शासन में नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए जाते हैं और तानाशाही का जन्म होता है।
ख. लोकतंत्र 'समानता' के सिद्धांत पर आधारित है, जहाँ हर नागरिक के वोट का मूल्य बराबर होता है। केवल 'होशियारों' का शासन इसे एक संभ्रांतवादी शासन बना देगा जो आम जनता की जरूरतों को अनदेखा कर सकता है। शिक्षा या बुद्धिमत्ता शासन करने की एकमात्र योग्यता नहीं हो सकती।
ग. धर्म और राजनीति अलग-अलग विषय हैं। आध्यात्मिक गुरु धार्मिक मामलों में मार्गदर्शन कर सकते हैं, लेकिन राजनीति में विभिन्न धर्मों और विचारधाराओं के लोग होते हैं। धर्म-गुरुओं का शासन देश में कट्टरपंथ और भेदभाव को बढ़ावा दे सकता है, जबकि लोकतंत्र सबको समान अवसर देता है।