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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए -(i) जल विभाजक ... - समकालीन भारत
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए -
(i) जल विभाजक का क्या कार्य है? एक उदाहरण दीजिए।
(ii) भारत में सबसे विशाल नदी द्रोणी कौन-सी है?
(iii) सिंधु एवं गंगा नदियाँ कहाँ से निकलती हैं?
(iv) गंगा की दो मुख्य धाराओं के नाम लिखिए? ये कहाँ पर एक-दूसरे से मिलकर गंगा नदी का निर्माण करती हैं?
(v) लंबी धारा होने के बावजूद तिब्बत के क्षेत्रों में ब्रह्मपुत्र में कम गाद (सिल्ट) क्यों है?
(vi) कौन-सी दो प्रायद्वीपीय नदियाँ गर्त से होकर बहती हैं? समुद्र में प्रवेश करने के पहले वे किस प्रकार की आकृतियों का निर्माण करती हैं?
(vii) नदियों तथा झीलों के कुछ आर्थिक महत्त्व को बताएँ।
(i) जल विभाजक का कार्य: कोई भी ऊँचा क्षेत्र (जैसे पर्वत या उच्च भूमि) जो दो पड़ोसी अपवाह द्रोणियों को एक-दूसरे से अलग करता है, उसे जल विभाजक कहते हैं।
उदाहरण: अंबाला शहर सिंधु और गंगा नदी तंत्रों के बीच जल विभाजक का कार्य करता है।
(ii) भारत में सबसे विशाल नदी द्रोणी गंगा नदी द्रोणी है।
(iii) सिंधु नदी: तिब्बत में मानसरोवर झील के पास से निकलती है।
गंगा नदी: हिमालय के गंगोत्री हिमानी (भागीरथी के रूप में) से निकलती है।
(iv) गंगा की दो मुख्य धाराएँ भागीरथी और अलकनंदा हैं। ये दोनों उत्तराखंड के देवप्रयाग में एक-दूसरे से मिलकर गंगा नदी का निर्माण करती हैं।
(v) तिब्बत एक शीत और शुष्क क्षेत्र है, इसलिए वहाँ ब्रह्मपुत्र नदी में जल की मात्रा बहुत कम होती है। जल कम होने के कारण यह अपने साथ बहुत कम गाद (सिल्ट) लेकर चलती है।
(vi) नर्मदा और तापी नदियाँ गर्त (भ्रंश घाटी) से होकर बहती हैं। समुद्र में प्रवेश करने से पहले ये नदियाँ ज्वारनदमुख (Estuary) का निर्माण करती हैं।
(vii) नदियों तथा झीलों के आर्थिक महत्त्व:
ये सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराती हैं।
इनसे जल विद्युत (बिजली) का उत्पादन किया जाता है।
ये नौसंचालन और व्यापारिक परिवहन में सहायक होती हैं।
पर्यटन और मछली पालन को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करती हैं।