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भारत के उत्तरी मैदान का वर्णन कीजिए। - समकालीन भारत
भारत के उत्तरी मैदान का वर्णन कीजिए।
भारत के उत्तरी मैदान का वर्णन निम्नलिखित बिंदुओं में किया जा सकता है:
निर्माण: यह मैदान तीन प्रमुख नदी प्रणालियों—सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र तथा इनकी सहायक नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ निक्षेपों से बना है।
विस्तार: इसका क्षेत्रफल लगभग 7 लाख वर्ग कि.मी. है। यह मैदान लगभग 2400 कि.मी. लंबा और 240 से 320 कि.मी. चौड़ा है।
कृषि और जनसंख्या: समृद्ध मृदा के आवरण, भरपूर पानी की उपलब्धता और अनुकूल जलवायु के कारण यह कृषि की दृष्टि से भारत का सबसे उत्पादक क्षेत्र है। इसी कारण यहाँ जनसंख्या का घनत्व भी सबसे अधिक है।
क्षेत्रीय विभाजन: उत्तरी मैदान को मोटे तौर पर तीन वर्गों में बाँटा गया है:
पंजाब का मैदान: मैदान का पश्चिमी भाग जो सिंधु और उसकी सहायक नदियों द्वारा बना है।
गंगा का मैदान: यह घग्गर और तिस्ता नदियों के बीच स्थित है (हरियाणा, दिल्ली, यू.पी., बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल)।
ब्रह्मपुत्र का मैदान: यह मुख्य रूप से असम में स्थित है।
आकृतिक भिन्नता: धरातलीय आकृति के आधार पर इसे चार भागों में विभाजित किया जाता है—भाबर, तराई, बांगर और खादर।
