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अख़्तर, किरण और राहुल किसी राजमार्ग पर बहुत तीव्र गति से चलती ... - विज्ञान
अख़्तर, किरण और राहुल किसी राजमार्ग पर बहुत तीव्र गति से चलती हुई कार में सवार हैं, अचानक उड़ता हुआ कोई कीड़ा, गाड़ी के सामने के शीशे से आ टकराया और वह शीशे से चिपक गया। अख़्तर और किरण इस स्थिति पर विवाद करते हैं। किरण का मानना है कि कीड़े के संवेग परिवर्तन का परिमाण कार के संवेग परिवर्तन के परिमाण की अपेक्षा बहुत अधिक है। (क्योंकि कीड़े के वेग में परिवर्तन का मान कार के वेग में परिवर्तन के मान से बहुत अधिक है।) अख़्तर ने कहा कि चूँकि कार का वेग बहुत अधिक था अतः कार ने कीड़े पर बहुत अधिक बल लगाया जिसके कारण कीड़े की मौत हो गई। राहुल ने एक नया तर्क देते हुए कहा कि कार तथा कीड़ा दोनों पर समान बल लगा और दोनों के संवेग में बराबर परिवर्तन हुआ। इन विचारों पर अपनी प्रतिक्रिया दें।
राहुल का तर्क सही है।
स्पष्टीकरण:
समान बल: गति के तीसरे नियम के अनुसार, कार द्वारा कीड़े पर लगाया गया बल और कीड़े द्वारा कार पर लगाया गया बल परिमाण में बराबर और दिशा में विपरीत होता है।
समान संवेग परिवर्तन: चूँकि बल और टकराने का समय दोनों के लिए समान है, इसलिए संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार, दोनों के संवेग में परिवर्तन का परिमाण बराबर होगा।
किरण का तर्क गलत है: संवेग परिवर्तन बराबर होता है, केवल वेग में परिवर्तन कीड़े का अधिक होता है क्योंकि उसका द्रव्यमान बहुत कम है।
अख़्तर का तर्क गलत है: बल दोनों पर बराबर लगता है, लेकिन कीड़ा इसलिए मर जाता है क्योंकि वह कम द्रव्यमान के कारण उस बल से उत्पन्न भारी त्वरण (acceleration) को सहन नहीं कर पाता।