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10 g द्रव्यमान की एक गोली सीधी रेखा में 150 m s⁻¹ के वेग ... - विज्ञान
10 g द्रव्यमान की एक गोली सीधी रेखा में 150 m s⁻¹ के वेग से चलकर एक लकड़ी के गुटके से टकराती है और 0.03 s के बाद रुक जाती है। गोली लकड़ी को कितनी दूरी तक भेदेगी? लकड़ी के गुटके द्वारा गोली पर लगाए गए बल के परिमाण की गणना करें।
दिया है:
गोली का द्रव्यमान (m) = 10 \text{ g} = \frac{10}{1000} = 0.01 \text{ kg}
प्रारंभिक वेग (u) = 150 \text{ m/s}
अंतिम वेग (v) = 0 \text{ m/s}
समय (t) = 0.03 \text{ s}
(1) त्वरण (a) की गणना:v = u + at0 = 150 + a \times 0.03-150 = 0.03aa = \frac{-150}{0.03}a = -5000 \text{ m/s}^2
(2) दूरी (s) की गणना:v^2 - u^2 = 2as(0)^2 - (150)^2 = 2 \times (-5000) \times s-22500 = -10000ss = \frac{22500}{10000}s = 2.25 \text{ m}
(3) बल (F) की गणना:F = m \times aF = 0.01 \times 5000 (परिमाण के लिए धनात्मक मान)F = 50 \text{ N}
उत्तर: गोली लकड़ी को 2.25 \text{ m} तक भेदेगी और लकड़ी के गुटके द्वारा गोली पर 50 \text{ N} का बल लगाया गया।